रीवा में अस्पतालों और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली को लेकर सांसद जनार्दन मिश्रा के बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। सांसद ने डॉक्टरों को 'नोट छापने की मशीन' बताते हुए अस्पतालों के लाइसेंस रद्द करने की बात कही थी। इस पर कांग्रेस जिला संगठन महासचिव रवि तिवारी ने तीखा पलटवार किया है। तिवारी ने सांसद से पूछा है कि अगर उन्हें इतनी समस्या है तो उन्होंने अब तक क्या कार्रवाई की? क्या उन्होंने प्रदेश सरकार या स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा? क्या संसद में यह मुद्दा उठाया? तिवारी के अनुसार, केवल बयानबाजी से व्यवस्था नहीं सुधरेगी। यदि सांसद लाचार महसूस कर रहे हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। अब सवाल सांसद की जवाबदेही पर है।