सेतु आयोग: उत्तराखंड की नीति निर्माण प्रक्रिया में साक्ष्य आधारित सुधार
देहरादून में सेतु आयोग राज्य की नीति निर्माण प्रक्रिया में एक अहम भूमिका निभा रहा है। दिनेश अग्रवाल, सेतु आयोग के सलाहकार, ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नीति आयोग केंद्र सरकार के लिए नीति अनुसंधान और परामर्श का कार्य करता है। इसी तर्ज पर राज्य स्तर पर सेतु आयोग की स्थापना की गई है, जो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में कार्य कर रहा है। इसका उद्देश्य राज्य की नीति निर्माण प्रक्रिया को साक्ष्य आधारित और परिणाम केंद्रित बनाना है।
- सेतु आयोग राज्य की नीति निर्माण में साक्ष्य आधारित सुधार की दिशा में कार्यरत है।
- यह आयोग पांच प्रमुख क्षेत्रों - अर्थव्यवस्था एवं कौशल विकास, अवसंरचना एवं कल्याण, शहरी एवं उपनगरीय विकास, अनुसंधान एवं मूल्यांकन तथा डाटा एनालिसिस में कार्य संचालित कर रहा है।
- आयोग द्वारा राज्य में योजनाओं और नीतियों के वैज्ञानिक एवं तथ्यात्मक मूल्यांकन के माध्यम से सरकार को आवश्यक सुझाव दिए जाते हैं।
- पहले से धीमी गति से संचालित मूल्यांकन कार्य को भी आयोग ने गति प्रदान की है।
महत्वपूर्ण निर्देश:
आयोग की कार्यप्रणाली के संबंध में किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी या पहचान उजागर नहीं की जाएगी। आयोग के प्रयासों का उल्लेख करते समय निष्पक्षता और सत्यता बनाए रखना आवश्यक है।
सेतु आयोग की स्थापना राज्य की नीतियों को और अधिक सटीक एवं प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड की नीति निर्माण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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