भिवानी में ऑनलाइन फार्मेसी के युग में खुदरा दवा व्यापार के भविष्य पर मंथन
भिवानी
डिजिटल युग में ई-फार्मेसी के बढ़ते प्रभाव के बीच पारंपरिक दवा व्यापार के अस्तित्व और सुधार के लिए रविवार को भिवानी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह आयोजन डिस्ट्रिक्ट भिवानी केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन द्वारा स्थानीय सनसिटी मॉल के एक रेस्टोरेंट में किया गया।
इस शैक्षणिक सेमिनार का मुख्य विषय 'फार्मा ट्रेड का भविष्य' था, जिसमें जिले भर के सैकड़ों दवा व्यापारियों ने भाग लिया। ऑनलाइन फार्मा व्यापार के प्रभाव और भविष्य की रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
- मुख्य अतिथि: हरियाणा ड्रग डीलर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतीश विज और महासचिव करतार सिंह मक्कड़।
- अध्यक्षता: पूर्व जिला अध्यक्ष देवराज महता।
सतीश विज ने अपने संबोधन में कहा कि ई-फार्मेसी के बढ़ते दायरे से पारंपरिक केमिस्टों को चुनौती तो है, लेकिन आपातकाल में या आधी रात को दवा की जरूरत पड़ने पर स्थानीय केमिस्ट ही सबसे बड़ा सहारा होता है। ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट देकर बाजार पर कब्जा करना चाहती हैं, लेकिन वे स्थानीय केमिस्ट की मानवीय सेवा और विश्वास को नहीं बदल सकतीं।
करतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि फार्मा ट्रेड का भविष्य इस पर निर्भर करता है कि हम नियमों के पालन और सेवाओं की गुणवत्ता को कितना बेहतर बनाते हैं।
देवराज महता ने कहा कि डिजिटल बिलिंग और आधुनिक प्रबंधन को अपनाकर ही केमिस्ट टिक सकते हैं। फार्मा ट्रेड को बचाने के लिए एकजुटता और तकनीकी उन्नयन आवश्यक हैं।
इस बैठक ने यह स्पष्ट किया कि समय के साथ कार्यप्रणाली में सुधार ही दवा व्यापार के भविष्य की कुंजी है।
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