बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में वर्ष 2023 में हुए चर्चित क्यूआर कोड विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। बीकेटीसी (BKTC) के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने पुलिस की जांच रिपोर्ट (FR) और पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
​अजेंद्र अजय ने कहा कि पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल अंतिम रिपोर्ट में कई अहम तथ्यों को छुपाया गया या अनदेखा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में बीकेटीसी वादी पक्ष थी, लेकिन कोर्ट में हुई 9 सुनवाइयों में से एक में भी समिति का कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते मामला खारिज हो गया।
​उन्होंने यह भी खुलासा किया कि मंदिर समिति के लेखा विभाग के पास पेटीएम या किसी अन्य चैनल के साथ अनुबंध का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं था। उन्होंने इसे कुछ लोगों की मिलीभगत से की गई वित्तीय हेराफेरी की आशंका जताई।
​धामों की गरिमा और पारदर्शिता के लिए अजेंद्र अजय ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूरे मामले की एसआईटी (SIT) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।