धनतेरस के पावन अवसर पर बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। सोने और चांदी के भाव में पिछले कुछ समय से आई गिरावट के चलते खरीदारी के लिए लोगों में खासा उत्साह है। भिवानी के ज्वेलरी बाजार में पिछले करीब 15 दिनों से ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। खास बात यह है कि चांदी के मुकाबले सोने की ज्वेलरी की खरीदारी को लेकर लोगों में ज्यादा रुझान देखने को मिल रहा है। ज्वेलर्स का कहना है कि भाव में आई गिरावट खरीदारी का अच्छा अवसर है।

दीपावली और धनतेरस के त्योहार पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इसी परंपरा के चलते भिवानी के ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ गई है। पिछले कुछ समय में सोने और चांदी के भाव में आई गिरावट ने भी खरीदारी को बढ़ावा दिया है। ज्वेलर्स के मुताबिक पिछले करीब 15 दिनों से बाजार में अच्छी भीड़ देखने को मिल रही है और लोग अपनी पसंद व बजट के अनुसार सोने-चांदी के आभूषण खरीद रहे हैं।

ज्वेलर्स का कहना है कि सोने और चांदी दोनों की खरीदारी हो रही है, लेकिन पिछले कुछ समय से सोने की खरीदारी में ज्यादा तेजी देखने को मिली है। सोने को लोग मुश्किल समय में एक स्थिर निवेश के रूप में देखते हैं। वहीं, चांदी के भाव में काफी गिरावट आने के कारण निवेश के लिहाज से कुछ ग्राहक फिलहाल झिझक रहे हैं। हालांकि चांदी की पायल और अन्य जरूरी वस्तुओं की खरीदारी जारी है। सोने में लोग अपने बजट के अनुसार ज्वेलरी खरीद रहे हैं।

ज्वेलर्स का कहना है कि जब भी सोने-चांदी के भाव में गिरावट आती है तो यह खरीदारी का अच्छा अवसर होता है। निवेशक भी अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि चांदी में निवेश को लेकर कुछ सावधानी देखने को मिल रही है, लेकिन सोने की ज्वेलरी के प्रति ग्राहकों का रुझान बेहतर बना हुआ है।

कुल मिलाकर धनतेरस के अवसर पर भिवानी के ज्वेलरी बाजार में रौनक बनी हुई है। सोने के आभूषणों की मांग और ग्राहकों की भीड़ से कारोबारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं।