44 साल बाद हॉकी में भारत का गोल्ड, भिवानी की बेटी ईशिका सम्भरवाल का हुआ भव्य स्वागत
एशियाई खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट ईशिका सम्भरवाल पहुंची भिवानी, निकाला गया रोड शो
भिवानी की बेटी ईशिका ने रचा इतिहास, हॉकी में भारत को दिलाया गोल्ड मेडल
भगत सिंह चौक पर ईशिका सम्भरवाल का जोरदार स्वागत, फूल-मालाओं से किया अभिनंदन
खुली गाड़ी में निकला ईशिका सम्भरवाल का रोड शो, स्कूली छात्रों और खेल प्रेमियों ने बढ़ाया हौसला
गोल्ड जीतकर भिवानी लौटीं ईशिका सम्भरवाल, बोलीं- अब पूरा फोकस ओलिंपिक पर
ईशिका सम्भरवाल ने परिवार और समर्थकों को समर्पित किया गोल्ड मेडल, बोलीं- मेहनत जारी रहेगी
पिता रहे हॉकी कोच, बेटी ने एशियाई खेलों में जीता गोल्ड, ईशिका ने बताई सफलता की कहानी
‘इस बार गोल्ड हमारा होगा’ के संकल्प से मैदान में उतरी टीम इंडिया, ईशिका ने बताया जीत का राज
ओलिंपिक में भी गोल्ड का लक्ष्य, भिवानी की ईशिका सम्भरवाल बोलीं- छोटी-छोटी चीजों पर करेंगे मेहनत
Anchoring 44 साल बाद इंडिया फिर से हॉकी में गोल्ड मेडल ले कर आया। हॉकी की खिलाड़ी इशिका संभरवाल जो की मूल रूप से भिवानी जिले के गांव बपोड़ा की निवासी है फिलहाल भिवानी के सेक्टर 13 में रह रही है। आज इशिका के भिवानी पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया।
वी ओ भारतीय हाकी टीम की खिलाड़ी और एशियाई खेलों में गोल्ड मेडलिस्ट ईशिका सम्भरवाल रविवार को भिवानी लौटी। जिसका भिवानी में जोरदार स्वागत किया गया। भिवानी पहुंचने पर सबसे पहले भगत सिंह चौक पर फूल-मालाओं से स्वागत किया और खुली गाड़ी में रोड शो निकाला गया। इस दौरान स्कूली छात्र, खेल प्रेमी व अन्य लोग शामिल हुए, जिन्होंने ईशिका सम्भरवाल का हौसला बढ़ाया।
भिवानी पहुंचने पर ईशिका सम्भरवाल ने अपने सम्मान को देखकर कहा कि बहुत खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि आप सब ऐसे ही सहयोग करते रहे, मैं वायदा करती हूं कि आगे भी ऐसे ही कड़ी मेहनत करती रहूंगी। उन्होंने कहा कि गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही टीम ने ओलिंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। जिसके कारण उन्हें क्वालीफाई कर लिया है। अब पूरी टीम का फोकस ओलिंपिक पर रहेगा और इंडिया पक्का गोल्ड मेडल लेकर आएगी।
ईशिका सम्भरवाल ने कहा कि यहां तक पहुंचने के सफल को लेकर कहा कि लगातार मेहनत करते रहें। उन्होंने अपने परिजनों को मेडल समर्पित किया। इसके साथ ही जितने भी लोग यहां पर स्पोर्ट करने आए हैं, उनको भी मेडल समर्पित करना चाहूंगी। अब खुद को और बेहतर करने के लिए काम किया जाएगा। ओलिंपिक के लिए 2 साल बाकी हैं, उसको लेकर हर छोटी-छोटी चीजों पर वर्क किया जाएगा।
ईशिका सम्भरवाल ने कहा कि उनके पिता विरेंद्र सम्भरवाल होकी के ही कोच रहे हैं। शुरूआत से उनके पिता कोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पापा की वजह से ही हो पाया है कि उन्होंने हॉकी की शुरूआत की। छोटे बच्चे भी हॉकी शुरू करें और उसके लिए अभ्यास करें। अगर लगातार प्रयास व अभ्यास करेंगे तो एक मंजिल पर जरूर पहुंचेंगे। सुबह-शाम को प्रैक्टिस की है। जब वे जूनियर में सिलेक्ट हुई तो बैंगलुरू में भी प्रैक्टिस की है। उसके बाद सीनियर में चयन हुआ तो उसके साथ प्रैक्टिस की। वे फिलहाल सीनियर टीम के साथ प्रैक्टिस कर रही है और ओलिंपिक के लिए भी वहां प्रैक्टस करती रहेंगी।
ईशिका सम्भरवाल ने कहा कि पूरी टीम का भी काफी सहयोग रहा। हमने पहले ही निश्चित किया हुआ था कि इस बार गोल्ड मेडल हमारा होगा, क्योंकि पिछले 44 साल से इंडिया गोल्ड मेडल नहीं लाया था। उन्होंने कहा उनका यह पहला एशियन गेम था, जो सबसे बड़ा टूर्नामेंट रहा। कोच व टीम का सहयोग रहा, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने हुनर को दिखा पाई। उनके पूरे परिवार का इस उपलब्धि में सहयोग रहा।
हॉकी गोल्ड मेडलिस्ट ईशिका का भिवानी में जोरदार स्वागत
Hockey gold medalist Ishika receives a grand welcome in Bhiwani.
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