भिवानी में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महान समाजसेवी बाबू बनारसीदास गुप्ता की 109वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने बाबूजी को याद करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व ऐसा था, जो राष्ट्रहित और जनकल्याण के बारे में हमेशा सोचता था। उन्होंने कहा कि बाबूजी ने गुलाम भारत से लेकर आजाद भारत तक का दौर देखा और मजदूरों के हितों से लेकर मुख्यमंत्री और सांसद के रूप में देश-प्रदेश की सेवा की। वहीं, उनके सुपुत्र अजय बनारसीदास गुप्ता ने युवा पीढ़ी को बाबूजी के विचारों और सादगीपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।

भिवानी के वैश्य महाविद्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसीदास गुप्ता की 109वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने बाबूजी के साथ अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए उनके राष्ट्रहित के प्रति समर्पण को याद किया।

सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने कहा कि बाबू बनारसीदास गुप्ता ने अपने जीवन में गुलाम भारत और आजाद भारत दोनों का दौर देखा। उन्होंने मजदूरों के हितों के लिए काम किया, जिसके चलते लोग उन्हें मास्टर जी के नाम से भी जानते थे। बाबूजी ने मुख्यमंत्री से लेकर विधानसभा और संसद तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।

*बाइट – सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह*

सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने कहा कि उन्होंने बाबूजी के साथ उस समय भी काम किया, जब वे मुख्यमंत्री थे और स्वयं मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबूजी का व्यक्तित्व आज के समय में मिलना मुश्किल है। वे हमेशा राष्ट्रहित के बारे में सोचते थे और देश की संपत्ति को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए छोटी-छोटी बातों पर भी ध्यान देते थे।

उन्होंने पानी, बिजली और सरकारी संसाधनों के संरक्षण को बाबूजी की विचारधारा का अहम हिस्सा बताया।

वहीं, बाबू बनारसीदास गुप्ता के सुपुत्र अजय बनारसीदास गुप्ता ने बताया कि जयंती के अवसर पर आर्य समाज विधि से हवन का आयोजन किया गया और इसके बाद पार्क में माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

उन्होंने कहा कि जयंती मनाने का उद्देश्य लोगों को बाबूजी के विचारों और व्यक्तित्व से जोड़ना है, ताकि युवा पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए।

*बाइट – अजय बनारसीदास गुप्ता, सुपुत्र पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसीदास गुप्ता*

अजय बनारसीदास गुप्ता ने कहा कि बाबूजी ने स्वतंत्रता सेनानी और मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बावजूद हमेशा सादा जीवन जिया। उन्होंने कभी सरकारी संसाधनों का निजी काम के लिए इस्तेमाल नहीं किया।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रहते हुए भी बाबूजी सरकारी गाड़ी का निजी कार्यों के लिए उपयोग नहीं करते थे। सरकारी आवास में बिजली की बचत को लेकर भी वे बेहद सजग रहते थे। उनका मानना था कि सरकारी संसाधनों का अनावश्यक उपयोग भी राष्ट्र का नुकसान है।

अजय गुप्ता ने कहा कि बाबूजी के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन आदर्श महिला महाविद्यालय में किया गया है और अब इसे अन्य कॉलेजों तथा स्कूलों में भी लेकर जाने की योजना है, ताकि विद्यार्थी उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा ले सकें।

पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसीदास गुप्ता की 109वीं जयंती पर उनके राष्ट्रहित, सादगी, समाजसेवा और संसाधनों के संरक्षण से जुड़े विचारों को याद किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों पर चलने और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।