सोहना में बिजली कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ हल्लाबोल, निजीकरण के विरोध में आर-पार की लड़ाई का ऐलान
एंकर: हरियाणा में बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है। सोहना में हड़ताल के पहले ही दिन बिजली कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग उठाई। कर्मचारियों ने नौकरी की सुरक्षा, प्रीपेड मीटर और किसानों पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक बोझ को लेकर चिंता जताई। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सोहना में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने प्रदर्शन को समर्थन दिया। नगर पालिका कर्मचारी प्रधान सुभाष ने बिजली कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यह हड़ताल केवल बिजली कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली का इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक उपभोक्ता से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के निजीकरण और इससे आम जनता पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए सभी लोगों को इस आंदोलन में भाग लेना चाहिए।
वहीं, बिजली कर्मचारियों ने भी अपनी मांगें रखते हुए कहा कि निजीकरण के फैसले से कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और आम उपभोक्ताओं के हित प्रभावित हो सकते हैं। कर्मचारियों ने सरकार से निजीकरण की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने और उनकी मांगों का समाधान करने की अपील की।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। अब देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।