हरिपुर में आस्था और पारदर्शिता का टकराव: पिलर पर मूर्ति या श्याम झूला?

हरिपुर घाट पर माँ यमुना की प्रतिमा और श्याम झूला पुल को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी कीमत पर श्याम झूला के पिलर पर मूर्ति नहीं लगने दी जाएगी।

  • रामशरण नौटियाल का दावा है कि जिस पिलर पर मूर्ति लगाने की योजना है, वह पिछले 3 सालों से श्याम झूला के निर्माण के लिए आरक्षित है।
  • उन्होंने मूर्ति निर्माण के नाम पर जुटाए गए फंड की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए चंदा-कलेक्शन की रसीदें और हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।
  • लोक पंचायत का कहना है कि घाट और पुल दोनों तरफ से दर्शन सुलभ बनाने के लिए पिलर चुना गया था।
  • वे श्याम झूला के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन मूर्ति को तिरपाल में ढका रखना आस्था के साथ खिलवाड़ मानते हैं।

आयोजकों को चाहिए कि वे जनता के सामने हिसाब-किताब प्रस्तुत करें। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि मूर्ति धातु की है या प्लास्टिक की, और फंड का सही उपयोग किया जा रहा है।

आस्था, विकास और पारदर्शिता की इस जंग में अब गेंद मूर्ति आयोजकों के पाले में है। प्रश्न यह है कि क्या वे हिसाब सार्वजनिक करेंगे या विवाद और गहराएगा। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए समाधान निकाला जाए।